Saturday, 25 June 2011

और अफसरों की नहीं चल पाई जुगाड़ तकनीक

राजस्थान प्रशासनिक सेवा को छोड़कर अन्य राज्य सेवाओं से आईएएस में चयन को लेकर इस बार सहकारिता विभाग के अफसरों की जुगाड़ तकनीक नहीं चल पाई। अब इन अफसरों ने अदालत की शरण ली है। इनकी वजह से आईएएस में चयन की प्रक्रिया ही फिलहाल रुक गई है। आईएएस के एक पद के लिए करीब 18 प्रत्याशी मैदान में हैं। 
हुआ यह कि सहकारिता विभाग से इस बार रजिस्ट्रार प्रेमसिंह मेहरा ने मैरिट के आधार पर मंजरी भांति, सुरेन्द्रसिंह और एस.के. बाकोलिया के नाम आईएएस के लिए भिजवाए थे। जबकि इनसे पहले जब आईएएस के तीन पद भरे गए थे, तब राजेन्द्र भट्ट, अशोक अय्यर और आर.एस. जाखड़ के नाम भिजवाए गए थे। इनमें जाखड़ आईएएस बन गए। इन लोगों का तर्क है कि आईएएस के लिए जब वे यूपीएसी तक हो आए थे, तो उनका दावा पहला बनता था, लेकिन अब उनके नामों की अभिशंषा नहीं करना उनके साथ अन्याय है। 
पॉवर गेलेरी में चर्चा है कि भट्ट और अय्यर ने पिछली बार तो जुगाड़ तकनीक अपनाकर अपने नाम आईएएस के लिए विभाग से भिजवा लिए थे। इस बार रजिस्ट्रार ने नाम भेजने से पहले अफसरों की एसीआर, वरिष्ठता को आधार बनाकर मैरिट पर नाम भिजवाए थे। वैसे भी जब आईएएस के लिए नाम भेजे गए थे, तब रजिस्ट्रार छुट्टियों पर थे। अब देखना है कि इस पॉवरफुल पोस्ट के लिए कौन भारी पड़ता है। जय जय राजस्थान।



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