Wednesday, 8 June 2011

अफसर को लगा एसएमएस का रोग

मोबाइल फोन भी आजकल सुविधा के साथ-साथ बड़ी समस्या बनता जा रहा है। बड़े-बड़े अपराधी मोबाइल की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन के आधार पर ही पकड़े जा रहे हैं। राजस्थान में दारासिहं फर्जी मुठभेड़ प्रकरण में भी एनकाउंटर से जुड़े अफसरों की कॉल डिटेल और टावर लोकेशन ने उन्हें फंसाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल ही राजस्थान के एक आरएएस अफसर को भी इसी तरह के हालात से रू ब रू होना पड़ा। 
दरअसल दो दिन पहले ही दौसा के एडीएम को राज्य सरकार ने अचानक रात को 10.30 बजे एपीओ (पदस्थापन की प्रतीक्षा में) कर दिया। रात में अनावश्यक एडीएम को एपीओ करने की घटना ने खबरीलाल के कान खड़े कर दिए। पॉवर गेलेरी में इधर-उधर कारण सूंघने का प्रयास किया गया। पॉवर गेलेरी में भी एडीएम को हटाए जाने के कारणों को लेकर उत्सुकता बनी हुई थी। खबरीलाल को खबर मिली की एडीएम को एपीओ करने की आधिकारिक वजह तो प्रशासनिक ही बताई गई, जो सभी तरह के प्रकरणों में होती है। दौसा की पॉवर गेलेरी की खबर है कि एडीएम महोदय के फोन से किसी महिला मित्र को एसएमएस किए जा रहे थे, किसी गलतफहमी की वजह से ये एसएमएस किसी अन्य महिला के फोन पर पहुंच गए और उसने आलाकमान को शिकायत कर दी। शिकायत पर तुरंत एक्शन हो गया।
बात जब एसएमएस की चली तो एक वरिष्ठ आईएएस भी सतर्क हो गए। विभिन्न कंपनियों की ओर से आए दिन आने वाले अनावश्यक एसएमएस संदेशों को लेकर ये काफी परेशान थे। सो उन्होंने भी अपने पीए को तुरंत आदेश दिए कि उनके मोबाइल पर आने वाले अनावश्यक एसएमएस संदेशों को डीएनडी (डू नॉट डिस्टर्ब) सेवा का उपयोग करके तुरंत बंद कराया जाए।  जय जय राजस्थान ।
 

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