Wednesday, 11 May 2011

आखिर अफसरों पर ही आकर गिरी गाज

मंत्रियों और अफसरों में टकराहट की गाज आखिर फिर अफसरों पर ही आकर गिरी है। मंत्रियों से पटरी नहीं बैठ पाने के कारण जहां सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. दिनेश गोयल और जेडीए आयुक्त सुधांश पंत को जाना पड़ा है। वहीं  पुलिस के सीआई को जिंदा जलाए जाने की घटना  और लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने के कारण सवाई माधोपुर कलेक्टर रवि सुरपुर को भी खामियाजा भुगतना पडा है। 
पॉवर गैलेरी में चर्चा है कि ई टेंडरिंग को लेकर पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव दिनेश गोयल की मंत्री प्रमोद जैन भाया से पटरी नहीं बैठ रही थी। भाया के तमाम विरोध के बावजूद गोयल ने 50 लाख रुपए के काम पर ही ई टेंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी थी, जबकि पहले यह  व्यवस्था 5 करोड़ रुपए या इससे अधिक  राशि के काम पर ही थी।  जैन और गोयल के टकराव का मामला सीएम तक भी पहुंच गया था। इसी तरह जेडीए आयुक्त सुधांश पंत की भी नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल से पटरी नहीं बैठ पा रही थी। अजमेर रोड पर मुर्गीखाने की जमीन के मामले में सिविल वाद दायर करने को लेकर धारीवाल और पंत की टकराहट जगजाहिर हो गई थी। धारीवाल तभी से पंत को हटाए जाने के लिए अड़े हुए थे। इसी तरह सवाई माधोपुर कलेक्टर रवि सुरपुर को भरतपुर संभागीय आयुक्त राजेश्वरसिंह ने सीआई फूलमोहम्मद को जिंदा जलाए जाने के मामले में लापरवाही का दोषी माना था। यह रिपोर्ट दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री तक पहुंची थी। पॉवर गेलेरी में चर्चा है कि जल्दी ही कुछ और अफसरों पर भी गाज गिर सकती है।

1 comment:

तीसरी आंख said...

दिलचस्प जानकारी है, धन्यवाद