Monday, 21 February 2011

वाह, क्या पॉलिटिक्स है?

राजस्थान में इन दिनों अजमेर की दीप दर्शन हाउसिंग सोसायटी का मामला काफी चर्चित है। पिछले दिनों यह मामला विधानसभा में भी गूंजा। इस दौरान कांग्रेसियों ने ही बड़ी होशियारी से सीएम और उनके बेटे को रिकॉर्ड पर ला दिया। हुआ यह कि भाजपा के वासुदेव देवनानी ने सदन में यह मामला उठाया और एक पंपलेटबंटने का जिक्र करते हुए उसके हवाले से सीएम के बेटे का नाम इस प्रकरण में ले दिया। बस क्या था, सीएम विरोधी खेमे के कुछ लोगों को मौका मिल गया। देवनानी पर बेबुनियाद और गलत तथ्यों के आधार पर मामला उठाने का आरोप लगाते हुए पंपलेट को टेबल करवा लिया गया। तब तक आसन पर सभापति विराजमान थे। जैसे ही सीएम और उनके बेटे का नाम आया तो अध्यक्षजी तुरंत दौड़कर आसन पर आए।
अध्यक्ष जी ने आसन पर आने के बाद पंपलेट की जांच तो गृहमंत्री शांति धारीवाल जी को दे दी, और सदन की कार्यवाही से सीएम तथा उनके बेटे का नाम हटाने के निर्देश दे दिए। मतलब  अब अगर पंपलेट छापने के मामले की पुलिस जांच करेगी तो इसकी गहराई में भी जाना पड़ेगा। वजह ये कि अगर पंपलेट छापने वाला व्यक्ति पकड़ में आया तो उससे इस तरह का पंपलेट छापने का आधार तो पूछना ही पड़ेगा। जांच रिपोर्ट भी विधानसभा तक तो आएगी ही।
पॉवर गेलेरी में चर्चा है कि पॉलिटिक्स भी क्या चीज है। सीएम विरोधी खेमे ने बड़ी होशियारी से एक तीर से कई निशाने साध लिए। नाराजगी भी जाहिर कर दी और सीएम के परिवार को बिना वजह घसीटे जाने का विरोध भी दर्ज करवा दिया।

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