Sunday, 19 December 2010

पुलिस के आला अफसर चाहते हैं कमिश्नर प्रणाली टल जाए

 जयपुर और जोधपुर में पहला कमिश्नर बनने के लिए यूं तो पुलिस के आला अफसरों में जंग मची है। बड़े-बड़े पदों पर बैठे पुलिस अफसर अपनी-अपनी लॉबिंग में लगे हैं। परन्तु मलमास ने इन अफसरों की धड़कने बढ़ा दी हैं। अब ये अफसर कोशिशों में लगे हैं कि किसी भी तरह पुलिस कमिश्नर प्रणाली जनवरी तक टल जाए। सरकार ने अगर इससे पहले लागू कर दिया तो मलमास में ही ज्वाइन करना पड़ेगा, जो शुभ नहीं रहेगा।
राज्य सरकार जयपुर और जोधपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू करने की तैयारियां पूरी कर चुकी हैं। कुछ नोटिफिकेशन हो चुके हैं, जबकि मुख्य नोटिफिकेशन होना बाकी है। पता नहीं सरकार कब कमिश्नर प्रणाली लागू कर दे, इस उम्मीद में कुछ पुलिस अफसरों ने तो नई वर्दी भी तैयार करवा ली है, जबकि कुछ अफसर ज्वाइनिंग का मुहूर्त दिखवाने में लगे हैं।
एडीजी और आईजी को लेकर है कवायदः  सरकार में फिलहाल कवायद यह चल रही है कि कहां किस स्तर के अधिकारी को कमिश्नर लगाया जाए। मोटे तौर पर जयपुर में एडीजी स्तर के अधिकारी को ही कमिश्नर लगाए जाने की संभावना ज्यादा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि दिल्ली में डीजी स्तर का अधिकारी कमिश्नर है अन्य शहरों में भी कमोबेश इसी स्तर के अफसर कमिश्नर हैं। जयपुर वैसे भी बड़ा शहर होने के साथ साथ राज्य की राजधानी भी है। गृहमंत्री शांति धारीवाल भी एडीजी स्तर के अधिकारी को ही जयपुर का कमिश्नर बनाए जाने के पक्ष में हैं। जबकि जोधपुर में आईजी स्तर के अधिकारी को ही कमिश्नर बनाया जाना तय है। इसके पीछे भी तर्क यही है कि जोधपुर अभी छोटा शहर है। पहले आईजी रेंज का अधिकारी कमिश्नर लगे, बाद में जरूरत दिखे तो पद को अपग्रेड किया जा सकता है। इस संबंध में कुछ लोग चाहते हैं कि जोधपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, इसलिए वहां भी एडीजी स्तर का ही अधिकारी कमिश्नर बनाया जाना चाहिए।  इस बारे में फैसला मुख्यमंत्री के स्तर पर होना है।

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