Wednesday, 20 October 2010

सरकार ने फेरा वर्ल्ड क्लास अरमानों पर पानी

राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को जारी की गई तबादला सूची के बाद राजस्थान की पॉवर गेलेरी में कई रोचक किस्से चटखारे लेकर सुनाए जा रहे हैं। इस सूची में कई लोगों के अरमानों पर पानी फिरा, तो कुछ की लॉटरी  लग गई। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चोट तो आयोजना विभाग के राज्यमंत्री राजेन्द्र गुढ़ा के साथ हुई। गुढ़ा को हालांकि पर्यटन विभाग का भी राज्यमंत्री बनाया हुआ है, लेकिन इस विभाग में उनके लिए कोई काम नहीं है। उन्हें स्वतंत्र प्रभार देने के लिए पहले तो कई माह बाद आयोजना (जनशक्ति) विभाग बनाया गया। इसमें कई दिनों तक स्टाफ, डायरेक्टर ही नहीं लगा। पिछली तबादला सूची में वरिष्ठ आरएएस अधिकारी श्रीराम मीणा को निदेशक लगाया गया था। मीणा ने बैठने के लिए जैसे तैसे कमरे का जुगाड़ किया तो इस लिस्ट में उन्हें सिरोही का कलेक्टर लगा दिया गया। अब आयोजना जनशक्ति विभाग में निदेशक का पद फिर खाली हो गया है। इनके साथ ही दो और आरएएस अधिकारियों को धौलपुर और प्रतापगढ़ का कलेक्टर लगा दिया गया है। इसके विपरीत दौसा में कलेक्टर रह चुके एल.सी. असवाल ने जयपुर  नगर निगम में बड़े उत्साह से काम शुरू किया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मिड डे मील कार्यक्रम का निदेशक बनाकर उनके वर्ल्ड क्लास अरमानों पर पानी फेर दिया। वैसे नगर निगम के कई अधिकारी और कर्मचारियों के मन में असवाल के तबादले से दीपावली के पटाखे अभी से फूट रहे हैं।
आरएएस अधिकारियों में जूनियर को बॉस बनाने से खफा चल रहे चेतन देवड़ा को इस सूची में भी राहत नहीं मिली है। उन्हें खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग से हटाया नहीं गया है। जबकि गृह विभाग के उप सचिव श्रीराम चौरड़िया को फिलहाल कुछ माह तक यहीं टिककर काम करने की सलाह दी गई है।
पत्रकार और कांग्रेस कार्यकर्ता से पंगा लेना नई नई आईएएस टीना सोनी को आखिर भारी पड़ गया। उन्हें माउंटआबू के एसडीएम पद से हटा दिया  गया। झालावाड़ के मनोहर थाना में आदिवासी युवती से बलात्कार की घटना के बाद हिंसा वहां के कलेक्टर पी. रमेश को भारी पड़ी। कलेक्टर कांफ्रेंस में ही मुख्यमंत्री के रुख से संकेत मिल चुके थे कि कलेक्टर एसपी पर गाज गिरने वाली है। इसी तरह का खामियाजा धौलपुर कलेक्टर वी. सरवन कुमार को भुगतना पड़ा। वहां एसपी सुरेन्द्र कुमार पर डकैतों से मिलीभगत के आरोप कलेक्टर कांफ्रेंस में लगे तो कलेक्टर को भी जाना पड़ा। वैसे भी बताया जा रहा है कि कलेक्टर और एसपी में छत्तीस का आंकड़ा था।
अब पॉवर गेलेरी में चर्चा है कि जल्दी ही आईपीएस अफसरों की तबादला सूची और जारी होगी। इसमें कोटा, झालावाड़, धौलपुर, दौसा, प्रतापगढ़ जिलों के एसपी के साथ ही आईजी, डीआईजी स्तर के अधिकारियों पर राज की गाज गिर सकती है।

1 comment:

Anonymous said...

यह तो पी यू सी एल द्वारा पत्रकार अनिल एरन के मानवाधिकारों पर की गई चोट के खिलाफ छेड़ी गयी जंग का नतीजा है ...बधाई मुख्यमंत्री को भी दी जानी चाहिए कि उन्होंने अन्याय के खिलाफ एक स्टेंड लिया... पूरे मामले में पीयूसीएल और संयम लॊढा ने अनिलजी कॊ न्याय दिलाने के लिये वाकई ईमानदार कॊशिशें की।