Wednesday, 29 September 2010

धर्मसंकट में हैं राजस्थान के पुलिस महानिदेशक

खाद्य, नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री बाबूलाल नागर के खिलाफ आटा पिसाई, शुद्ध के लिए युद्ध अभियान और पीली मटर दाल के आयात की शिकायत ने राज्य के पुलिस महानिदेशक एच.सी. मीणा को धर्म संकट में डाल दिया है। इस मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कर रहा है। ब्यूरो की अब तक की पड़ताल में पूरे मामले की जिम्मेदारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के अफसरों पर आ रही है और पुलिस महानिदेशक एच.सी. मीणा के भाई आईएएस ओ.पी. मीणा खाद्य इस विभाग में प्रमुख शासन सचिव हैं। आटा पिसाई से लेकर पीली मटर दाल के आयात करने तक सभी फैसले प्रमुख सचिव स्तर पर हुए हैं। इस मामले में खाद्य राज्यमंत्री बाबूलाल नागर ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया है, कि उनका काम तो केवल नीति निर्धारण तक ही है। टेंडर आमंत्रित करना, रेट तय करना, टेंडर खोलना और वर्क ऑर्डर देना सभी काम विभागीय अफसर करते हैं।
खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव ओ.पी. मीणा हालांकि इस विभाग से निकलना भी चाहते हैं, लेकिन उनके लिए यहां से निकलना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में अब पुलिस महानिदेशक एच.सी. मीणा का धर्म संकट ये है कि वे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अफसरों के कैसे कहें कि इस मामले में विभागीय प्रमुख सचिव मीणा को बख्शें। इधऱ मंत्री के खिलाफ सबूत और तथ्यों की पड़ताल में जुटी एसीबी को अभी खाद्य विभाग से पूरा रिकॉर्ड तक नहीं मिल पा रहा है। एसीबी की जांच भी अफसरों की जवाबदेही और जिम्मेदारी से आगे नहीं बढ़ रही है। ऐसे में संभावना यही बन रही है कि मामले को गुमनाम शिकायत के नाम पर रफादफा किया जा सकता है।

1 comment:

surendr said...

chor chor mosere bhaee ...ki khavt to suni thi ...giriraji ab ye konsi khavt hai