Thursday, 23 September 2010

राजस्थान में आज भी चल रहा है खडाऊ से राज

भगवान श्रीराम के वनवास चले जाने के बाद उनके छोटे भाई भरत ने १४ साल तक अयोध्या में उनकी खडाऊ रखकर ही राज किया था। ठीक वैसे ही राजस्थान में पिछले नौ महीने से मुख्य निर्वाचन अधिकारी का राज चल रहा है। इस पद पर तैनात मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री विनोद जुत्शी लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद १७ दिसंबर को निर्वाचन आयोग दिल्ली में स्पेशल ड्यूटी पर चले गए थे। इसके बाद १२ जनवरी,२०१० को इसके लिए उनके औपचारिक आदेश भी जारी हो गए। परंतु राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पद का कार्यभार अभी भी उनके पास ही है। इस नाते सचिवालय के मुख्य भवन में तीसरी मंजिल पर बने कक्ष पर उनकी नाम पट्टिका आगंतुकों को आकर्षित कर रही है, लेकिन जब दरवाजा खोलकर देखते हैं तो कुर्सी खाली ही नजर आती है। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर ही निर्णित होने वाली कोई आवश्यक फाइल होती है तो उसे दिल्ली भेजकर निकलवाना पड़ता है। क्या करें, इस पद का कार्यभार अभी भी जुत्शी के ही पास जो है। पॉवर गेलेरी की खबर है कि इस पद के लिए राज्य सरकार ने पहले जो पैनल भेजा था, उसे निर्वाचन आयोग ने निरस्त कर दिया था। आयोग ने चिकित्सा शिक्षा सचिव मुकेश शर्मा के नाम के साथ तीन अफसरों का दुबारा पैनल मांगा था। यह पैनल भेज दिया गया है, संभवतः जल्दी ही राजस्थान को नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी मिल जाएगा।

1 comment:

Raj said...

बहुत शुक्रिया गिर्राज जी,

हमें अच्छा लगा आपका ब्लॉग......कमाल की बात है राज्य में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कुर्सी पर वोह बैठा है जिसका तबादला हो चुका है ?