Saturday, 11 September 2010

सिविल लाइंस का बंगला जिसमें जो रहा,वो गया

खाद्य, नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री बाबूलाल नागर से ज्यादा उनका बंगला इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चित है। इसकी वजह यह कि वे जिस बंगले में रहते हैं, उसमें रहने वाले या तो जबरदस्त विवादों में घिरे और फिर जीतकर भी नहीं आए। नागर इन दिनों खाद्य विभाग में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान, पीली मटर की दाल और आटे की पिसाई में भ्रष्टाचार को लेकर विवादों में हैं। वे मंत्री बनने के बाद से ही विवादों में रहे हैं। नागर सिविल लाइंस फाटक के पास वाले जिस बंगले में रहते हैं। उसमें उनसे पहले तत्कालीन स्वायत्त शासन राज्यमंत्री प्रतापसिंह सिंघवी रहते थे। सिंघवी जमीनों की धारा ९० बी को लेकर विवादों में आए। उसके बाद वे तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे की देवी के रूप में पूजा करके विवादों में आए थे। स्थिति यह बनी कि उनसे स्वायत्त शासन विभाग ही ले लिया गया। उसके बाद वे चुनाव हार गए। इस बंगले में सिंघवी से पहले मौजूदा सांसद महेश जोशी रहते थे। वे गहलोत सरकार में संसदीय सचिव थे और विधानसभा का चुनाव हार गए थे। जोशी से पहले इसी बंगले में मंगलाराम कोली मंत्री के रूप में रहे और चुनाव हार गए। कोली से पहले यह बंगला मौजूदा पर्यटन मंत्री बीना काक के पास रहा था। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बंगला शुभ नहीं है। हो सकता है नागर को भी इसकी कीमत चुकानी पड़े।

1 comment:

Rajeshwar said...

good job Bhai Sahab, keep it up