Friday, 10 September 2010

खेमराज क्यों रह गए और राकेश वर्मा को ऐसी पोस्टिंग क्यों

राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में इन दिनों पिछले सप्ताह जारी की गई तबादला सूची चर्चा का विषय बनी हुई है। पावर गैलेरी में केवल एक ही चर्चा है कि इस सूची में कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव खेमराज का तबादला क्यों नहीं हुआ। सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव राकेश वर्मा को सूचना एवं प्रौद्योगिकी जैसी ठंडी पोस्टिंग क्यों दी गई। दरअसल पहले ही यह तय माना जा रहा था कि प्रमुख गृह सचिव प्रदीप सेन और कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव खेमराज की कार्य प्रणाली से मुख्यमंत्री खुश नहीं थे, इसलिए इनका तबादला तो होना ही था। परन्तु जब लिस्ट आई तो खेमराज का तबादला नहीं होने पर लोगों को आश्चर्य हुआ।
सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव राकेश वर्मा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नजदीकी माना जाता है, इसलिए लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें अच्छी पोस्टिंग मिलना तय है, लेकिन सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में पोस्टिंग को देखकर आश्चर्य हुआ। पावर गैलेरी में चर्चा है कि वर्मा ऊर्जा विभाग में प्रमुख सचिव लगना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कई सिफारिशें भी करवाईं। इससे नाराज होकर सीएम ने उन्हें सूचना एवं प्रौद्योगिकी जैसे विभाग में पोस्टिंग दी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव ओ.पी. मीणा भी वहां से निकलने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन उन्हें सीएम ने वहां से हटाना उचित नहीं समझा। ओ.पी. सैनी को डेयरी एवं पशुपालन विभाग से उद्यानिकी में लगाया है। सैनी की पोस्टिंग को भी डेयरी राज्यमंत्री बाबूलाल नागर की नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। नागर ने सैनी को इस कार्यकाल में जांच के लिए जितने भी पत्र लिखे, सैनी ने उन सभी को फाइल कर दिया और एक का भी जवाब नहीं दिया। प्रमुख गृह सचिव प्रदीप सेन से नाराजगी की वजह उनकी कार्य प्रणाली है। प्रमुख गृह सचिव के रूप में उनकी पुलिस महानिदेशक से बन नहीं रही थी।

1 comment:

Anonymous said...

आपका प्रयास बहुत अच्छा है। इसमें जानकारियां और बढ़ाएं।