Tuesday, 24 August 2010

कमिश्नरी की लड़ाई में फंसे पुलिस अफसर

राजस्थान पुलिस के आला अफसर इन दिनों प्रदेश की कानून व्यवस्था को छोड़कर पुलिस कमिश्नर बनने की लड़ाई में फंसे हुए हैं। अधिकांश आला अफसर गुटबाजी में फंसे हैं। इनमें कुछ अधिकारी तो एडीजी (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ) स्तर के अधिकारी को कमिश्नर लगवाना चाहते हैं जबकि दूसरे गुट के लोगों का दबाव है कि आईजी स्तर का अधिकारी कमिश्नर लगे। इसी कलह की वजह से कमिश्नर प्रणाली लागू नहीं हो पा रही है। पहले यह १५ अगस्त से लागू होनी थी। अब भी कमिश्नर प्रणाली का आसानी से लागू हो पाना आसान नहीं लग रहा है। जयपुर में इससे पहले करीब २५ साल पहले भी जयपुर में कमिश्नर प्रणाली लागू करवाने के प्रयास हुए थे। तब इसकी पूरी तैयारी हो गई थीं, कमिश्नर बनने वाले पुलिस अफसरों ने नई वर्दी भी सिलवा ली थी, लेकिन ऐनवक्त पर सरकार ने फैसला रद्द कर दिया। पॉवर गेलेरी में चर्चा है कि पुलिस अफसरों की इसी लड़ाई में इस बार भी कमिश्नरी की खीर फैल सकती है। इसकी वजह यह है कि खुद कमिश्नर बनने के प्रयास में पुलिस अफसर ही एक-दूसरे को निबटाने में लगे हैं। आईपीएस एम.के. देवराजन को जमीन विवाद में लपेटकर पुलिस मुख्यालय से हटाने के पीछे भी यही मंशा बताई जा रही है।

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