Monday, 23 August 2010

आदेशार्थ- ओवलोकनार्थ

राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में इन दिनों योग्य अफसरों की तलाश है। विभाग में कार्यरत राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों से विभागीय आयुक्त प्रेमसिंह मेहरा एवं उच्चायुक्त संतुष्ट नहीं हैं। उनके कामकाज की शैली और काम टालू प्रवृत्ति से कमिश्नर परेशान हैं। पॉवर गेलेरी में सहयोगी अफसरों से चर्चा में कमिश्नर ने कहा कि ये अफसर फाइल पर आदेशार्थ और अवलोकनार्थ के आगे कुछ लिखते ही नहीं हैं। ऐसे में कोई निर्णय लें भी तो कैसे। वे कहते हैं कि या तो इन जैसे आरएएस अफसर कुछ और यहां लगा देने चाहिए अथवा इनकी जगह योग्य अफसर दिए जाने चाहिए। इससे कम से कम काम तो समय पर होगा।

1 comment:

संगीता पुरी said...

रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!